मेज़ पर चाबी (v2)
मेज़ पर चाबी (v2)
Tunely V1Original
[Verse 1]
तुम्हारी चाबी अब भी मेज़ पर है
धूल ने उसका रंग बदल दिया
मैंने कितनी बार दरवाज़ा खोला
हर बार कमरा खाली मिला
तुमने कहा था, "बस थोड़ा वक़्त है"
वक़्त ने हमसे सब कुछ ले लिया
मैंने अपनी बात बचाकर रखी
तुमने सुनने का हक़ खो दिया
[Pre-Chorus]
अब किससे कहूँ कि रात ढलते
दिल अपना पता भूल जाता है
[Chorus]
तुम जा चुके हो, मैं मान लूँ क्या
इस घर में अब कुछ मेरा नहीं
तुम्हारी कमी को नाम न दूँ तो
ये साँस भी जैसे साँस नहीं
मैं टूट रहा हूँ, फिर भी देखो
तुम्हें बुरा कह नहीं पा रहा
जिसे बचाने में उम्र लगी थी
उसे अकेला छोड़ आ रहा
[Verse 2]
कप में तुम्हारी चाय की लकीरें
हमने जो छोटे सपने बाँटे
उनकी किरचें सोने देती नहीं
तुम ठीक रहना, सच कहता हूँ मैं
बस ये कहना आसान नहीं
मेरे हिस्से की सारी ख़ामोशी
ले जाओ, अब ये मेरी नहीं
[Pre-Chorus]
कल शायद मैं खुद को समझाऊँ
आज दिल को झूठ सुहाता नहीं
[Chorus]
तुम जा चुके हो, मैं मान लूँ क्या
इस घर में अब कुछ मेरा नहीं
तुम्हारी कमी को नाम न दूँ तो
ये साँस भी जैसे साँस नहीं
मैं टूट रहा हूँ, फिर भी देखो
तुम्हें बुरा कह नहीं पा रहा
जिसे बचाने में उम्र लगी थी
उसे अकेला छोड़ आ रहा
[Bridge]
अगर कभी मेरी याद आए
तो लौटना मत, बस ठहर जाना
उस मोड़ पे जहाँ हम बिछड़े थे
अपने हिस्से का सच कह जाना
[Final Chorus]
तुम जा चुके हो, अब मान लिया है
फिर भी दिल ने हार नहीं मानी
कुछ रिश्ते ख़त्म नहीं होते
बस बदल जाती है उनकी कहानी
मैं टूट गया हूँ, फिर भी देखो
तुम्हें दुआ दे पा रहा
जिसे बचाने में उम्र लगी थी
उसे आज़ाद कर रहा
[Outro]
मेज़ पर चाबी पड़ी रहेगी
मैं धीरे-धीरे घर हो जाऊँगा
One-time · keep this song forever
Original · 3:31 · Tunely पर बना
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